वृतस्थ-कोण-संबंधी-प्रमेय-7-3 CLASS -10(परीक्षण) W.B board

वृतस्थ-कोण-संबंधी-प्रमेय-7-3 CLASS -10(परीक्षण) W.B board

(1) प्रश्न – त्रिभुज ABC केए कोण B समकोण है । यदि AC को व्यास मान कर एक वृत बनाए , जो AB को D बिन्दु पर काटे तो निम्नलिखित तथ्यों में कोन सा सही है ।

(i) AB > AD   (ii) AB = AD  (iii) AB < AD

वृतस्थ कोण संबंधी प्रमेय 7.3
वृतस्थ कोण संबंधी प्रमेय 7.3

SOLVE –   Δ  ABC  में  ∠ B समकोण  है । अत: AC कर्ण है । कर्ण के मध्य बिन्दु को केंद्र मान  कर तथा कर्ण को  व्यास  मान कर वृत खिचा जाए , तो  वह वृत होगा और

समकोण Δ ABC के तीनों शीर्ष बिन्दुओं से होकर गुजरेगा । अब A और  C गुजरने वाला वृत यदि AB को D बिन्दु पर काटता  है । तो AB=AD होगा ।

ANS  (ii) AB = AD

चक्र वृद्धि व्याज के बारे में   जानने के लिए  CLICK HERE 

(2) प्रश्न –  प्रमाणित करें कि किसी समद्विबाहु त्रिभुज  के किसी भी समान भुजाओं को व्यास मान कर खिचा गया वृत  असामान

भुजाओं को समद्विभाजित करेगा ।

वृतस्थ-कोण-संबंधी-प्रमेय-7-3
वृतस्थ-कोण-संबंधी-प्रमेय-7-3

SOLVE –  माना Δ ABC एक समद्विबाहु  Δहै । जिसमें AB  = AC , AC को व्यास मान कर ADC एक वृत खिचा गया है , जो BC को D बिन्दु पर काटता  है ।

तो सिद्ध करना है कि D, BC का मध्य  बिन्दु अर्थात BD= AD

रचना –  AD को मिलाया

प्रमाण –  Δ ABC  में AB = AC

∴ ∠ ABC  = ∠ ACB

या, ∠ABD  = ∠ACD

पुनः ∠ ADC अर्धवृत पर स्थित कोण है ।  अत: ∠ ADC = एक समकोण अर्थात 90॰

∴ ∠ADB = 90॰

अब समकोण Δ ABD और  Δ ACD में

∠ ADB  = ∠ ADC  [ प्रत्येक 90॰ ]

∠ ABD = ∠ ACD

कर्ण AB = कर्ण AC AD उभयननिष्ठ है ।

∴  ΔABD  ≅ Δ  CDA

∴  BD = DC   सिद्ध 

(3) सहाना एक वृत बनाई है , जो  एक दूसरे को P  और Q बिन्दु पर काटते  है । PA और PB क्रमश: दो वृत के व्यास होने से प्रमाणित 

करे  कि A , Q और B  तीनों बिन्दु समरेखीय है । 

वृतस्थ-कोण-संबंधी-प्रमेय-7-3
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SOLVE – O  और O1 केंद्र वाले दो वृत एक दूसरे को  P और  Q  बिन्दु पर काटते है । PA और PB वृतों का व्यास है । 

तो सिद्ध करना है कि AQB एक रेखीय है ।

रचना – AQ , QB एवं PQ को मिलाया गया ।

प्रमाण – ∠PQA  एवं ∠PQB  अर्द्धवृत के कोण है ।

∴  ∠PQA  =  ∠PQB  = 90॰

पुनः ∠ PQA  + ∠ PQB

= 90॰  + 90॰ = 180॰

या, ∠AQB  = 180॰

∴  A , Q , B एक रेखीय है ।   प्रमाणित ।

 

(4) रजत एक सरल रेखा खंड PQ बनाया है  , जिसकी मध्य बिन्दु  है एवं वह PR और PQ को व्यास मान कर दो वृत बनाया है । हम P 

बिंदुगमी एक सरल रेखा खंड खिचें है । जो प्रथम वृत को S बिन्दु एवं द्वितीय वृत को T बिन्दु पर काटती है । प्रमाणित करें  कि PS= ST . 

वृतस्थ-कोण-संबंधी-प्रमेय-7-3
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 SOLVE – PQ  रेखा खंड का मध्य बिन्दु R है । PQ और PR को व्यास मान कर दो वृत खिचे गए है । जो  वृतों को क्रमश: S और  T बिन्दु पर काटती है । तो सिद्ध करना 

है कि  PS = ST .

रचना –  SR और QT  को मिलाया गया । 

प्रमाण –  ∠ PSR  और ∠ PTQ  दोनों ही   अर्द्धवृत पर स्थित कोण है ।

∠ PSR  = ∠ PTQ  = 90॰

∴ SR ∥ TQ

Δ  PTQ में  SR ∥ TQ  एवं R PQ का मध्य बिन्दु है ।

∴ ST  PT का मध्य बिन्दु है ।

अर्थात PS = ST  सिद्ध  

 

(5)  किसी वृत पर तीन बिन्दु P , Q  और R स्थित है । PQ एवं PR के ऊपर P बिन्दु पर खिचा गया दो लम्ब क्रमश: वृत को S  और T बिन्दु पर

काटते है । प्रमाणित करें कि RQ = ST 

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SOLVE –   वृत  पर  P , Q , R  तीन बिन्दुए है । PQ और PR को P बिन्दु पर क्रमश: दो लंब PS और PT खिचें गए है । जो वृत को S और T बिन्दु पर काटते है । तो प्रमाणित

करना है कि RQ = ST

रचना  –  QR  , RT  और  ST को मिलाया । 

 प्रमाण – Δ PQS  में   ∠ QPS  = 90॰

∴  ∠ QPS   अर्द्धवृत का कोण है । 

∴ QS वृत का व्यास है ।

पुनः Δ PRT में   ∠ RPT = 90॰

∴ ∠ RPT अर्द्धवृत का कोण है ।

∴ RT वृत का व्यास है ।

ΔOST  और Δ ORQ  में

OT = OR [ एक ही वृत के अर्द्धव्यास है । ]

OS = OQ  [ एक ही वृत के अर्द्धव्यास है । ]

∠ SOT  =  ∠ ROQ  [ सम्मुख कोण है । ]

∴ ΔOST  ≅Δ ORS      ∴  ST  = QR  PROVED

(6) ABC एक समकोणीय त्रिभुज है । त्रिभुज ABC के परिवृत का व्यास AP है । BE  और CF क्रमश: AC  और AB भुजा पर लंब है  एवं वे

एक दूसरे को Q बिन्दु पर काटती है । तो प्रमाणित करें कि BPCQ एक समानान्तर चतुर्भुज है । 

वृतस्थ-कोण-संबंधी-प्रमेय-7-3
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SOLVE –  Δ ABC समान कोणिक अर्थात समबाहु  Δ है । 

CF ⊥ AB  तथा BE ⊥ AC अत: कटान बिन्दु  Q परिवृत का केंद्र होगा । AP व्यास है ।  अत: AP, BC पर लंब होगा ।  BC को M बिन्दु पर समद्विभाजित करता है । 

अर्थात  BM = MC

AM मध्यमा  है ।  AQ : QM  = 2:1

  AQ      =     2     ∴  QM   = ½  AQ                                                                                                                                                                                                                       QM              1

पुनः   AQ = PQ   ∴  QM =  ½  PQ

∴ QM = MP

अब चतुर्भुज BPCQ में

BM = MC  और  QM = MP

परिवृत का केंद्र Q है ।

∴ AQ , BQ  , CQ क्रमश:  ∠ A , ∠B  और ∠C का समद्विभाजक है ।

∴ ∠ BAP  = ∠ CAP ———————–(I)

BP  द्वारा परिधि पर बना ∠ BAP और ∠BCP है ।

∴ ∠BAP = ∠CAP  ————————-(II)

PC द्वारा परिधि का कोण ∠ CAP और ∠CBP है ।

∠CBP  = ∠CAP   ————————-(III)

I  , II , और III   से  ∴ ∠BCP  = ∠ CBP

Δ BEC और  Δ BFC में

∠ BFC  = ∠BEC  = 90॰

∠FBC = ∠ACB

∠BCF = ∠ CBF —————-(I)

∠BCP + ∠ BCF  = ∠CBP + ∠ CBE

∴ ∠PBQ = ∠PCQ

चतुर्भुज BOCQ में आमने -सामने  के कोण बराबर और विकर्ण एक दूसरे को समद्विभाजित करते है ।

अत: BPCQ एक समानान्तर चतुर्भुज है ।

 

(8) AB एवं CD किसी वृत के दो व्यास है , प्रमाणित करे की ACBD एक आयत है । 

वृतस्थ-कोण-संबंधी-प्रमेय-7-3
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SOLVE – AB और CD वृत के दो व्यास है । 

तो प्रमाणित करे कि ABCD एक आयात है ।

वृत का केंद्र  AB और CD का कटान बिन्दु O है ।

∴ OB = OA ;  OC =OD

AB और CD विकर्ण  है और वे एक दूसरे को समकोण पर समद्विभाजित करते है । ABCD एक समानान्तर चतुर्भुज है ।

CAD  , ∠ ACB , ∠CBD  , और  ∠BDA सभी अर्द्धवृत के कोण है ।

अत: प्रत्येक 90॰ है ।

समानतर चतुर्भुज  ABCD  में हर एक कोण  90॰ है ।

अत:  ABCD एक आयत है  ।  प्रमाणित

(9) प्रमाणित करें कि किसी समचतुर्भुज की भुजाओं को व्यास मान कर खिचें गए वृत एक निद्रिष्ठ  बिन्दु से गूजरेगा ।

वृतस्थ-कोण-संबंधी-प्रमेय-7-3
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SOLVE – ABCD  एक समचतुर्भुज है । 

AB = BC = CD = DA

∴ AMD चाप  पर M बिन्दु की किसी भी स्थिति के लिए  AD के स्थिति में कोई परिवर्तन नहीं होगा , अत: किसी भी हालत में AD को व्यास मान कर वृत को खिचने से  वृत  M बिन्दु

से होकर गुजरेगी ।  उसी प्रकार ABM चाप  BCM  चाप  या CDM चाप पर प्रत्येक हालत में वृत खिचने पर  प्रत्येक वृत M बिन्दु से गुजरेगी । अत:  समचतुर्भुज की भुजाओं को

व्यास मान कर वृत खिचने का एक निद्रिष्ट बिन्दु से होकर गुजरेगा ।  PROVED .

 

( 10) VERY SHORT ANSWERS .

(i) MULTIPLE  CHOICE QUESTION

(1) O केन्द्र्यी वृत का PQ  एक  व्यास है एवं PR = RQ है ,  ∠RPQ  का मान का मान होगा ।

(a) 30॰    (b)  90॰    (c)  60॰  ( d) 45॰

वृतस्थ-कोण-संबंधी-प्रमेय-7-3
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SOLVE –   PR = PQ   तथा Q व्यास है ।

∠ PRQ अर्द्धवृत का कोण है ।

∴ ∠ PRQ = 90॰

Δ PRQ में  PR – RQ

∴ ∠RPQ   = ∠RQP

∴  ∠ RPQ + ∠RPQ +90॰ = 180॰  [ ∴ ∠ RPQ  = ∠ RQP ]

= 2 ∠RPQ = 90॰

∴  ∠RPQ  = 45॰

ANS (d) 45॰   

 

( ii) QR किसी वृत की जीवा है । POR वृत का एक व्यास है । OD , QR  पर लम्ब है । OD= 4  से० मी० होने से PQ की लंबाई होगी ।

(a) 4 से० मी०   (b) 2 से० मी०  (c) 8  से०  मी०  (d) कोई भी नहीं ।

वृतस्थ-कोण-संबंधी-प्रमेय-7-3
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SOLVE –   POR वृत का एक व्यास है ।

∴ ∠PQR = 90॰

पुनः OD ⊥ QR

∴  ∠ ODR = 90॰

∴ OD ।।  PQ .

Δ PQR  में  , O , PR का मध्य बिन्दु और D , QR का मध्य बिन्दु है ।

∴ PQ = 2OD = 2 × 4 से० मी०  = 8 से० मी०

ANS । (C) 8 से० मी०   । 

 

(iii|) AOB वृत का व्यास है । AC और BD जीवाएं बढ़ाने पर एक दूसरे को E बिन्दु पर काटती है । ∠ COD  = 40० होने से ∠CED का मान होगा । 

वृतस्थ-कोण-संबंधी-प्रमेय-7-3
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(a) 40०    (b) 80०  (C)  20॰  (c) 70०

SOLVE – एक ही चाप CD द्वारा केंद्र का कोण ∠ CAD  और परिधि का कोण ∠ CAD है ।

∴ ∠CAD  = ½ ∠ CAD  = ½  × 40॰  = 20॰

पुनः ∠ADB अर्द्धवृत का कोण है । ∠ADB = 90॰

∴ ∠ADE = ∠ADB  = 90॰

अब Δ ADE से ∠AED या ∠CED = 180॰   –  ( 90॰ + 20॰ )

= 70॰

ANS . (d) 70॰

 

(iv)  AOB वृत का व्यास है । AC = 3 से ० मी०  BC = 4 से ० मी०  होने से AB की लंबाई होगी ।

(a) 3  से०  मी0  (b) 4 से० मी0   (c) 5 से०  मी०  (d) 8 से० मी०   

वृतस्थ-कोण-संबंधी-प्रमेय-7-3
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SOLVE –   ∠ ACB अर्द्धवृत में स्थित कोण है ।

∴∠ ACB = 90॰

समकोण Δ ACB में

AB² = AC² + BC²

AB² = (3)² + (4)² = 9 + 16  = 25

∴ AB = ± √25 = ± 5 से॰  मी॰

ANS . (c)  5 से० मी०  

(v) पास के चित्र में O वृत का केंद्र है एवं AB एक व्यास है । ∠BCE =  20॰ , ∠ CAE =-25॰  होने से ∠ AEC  का मान क्या होगा ? 

(a) 50॰  (b) 90॰  (c) 45॰  (d ) 20॰ 

वृतस्थ-कोण-संबंधी-प्रमेय-7-3
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SOLVE – वृत में AB व्यास है । 

∠ ACB  और  ∠ AEB = 90॰

चाप BE द्वारा परिधि पर के बने  ∠ BCE और ∠ BAE ।

∴ ∠BAE = ∠ BCE = ∠BCE = 20॰

अब ∠BAC  = 25॰ + 20॰  = 45॰

∠BAC + ∠BEC = 180॰  [ चक्रयी चतुर्भुज  के आमने सामने के कोण संपूरक होते है । ]

∴ ∠ BEC  = 180॰  – ∠ BAC

= 180॰ – 45॰ = 135॰

∴ ∠AEC = ∠BEC – ∠ AEB = 135॰  – 90॰ = 45॰

ANS. (C) 45॰ 

 

(2)  सत्य या गलत लिखे ।

(i) अर्द्धवृत से बड़े वृतांश में स्थित कोण स्थूल कोण या अधिक कोण होता है ।   ( गलत )

(ii) ABC त्रिभुज की AB भुजा का मध्य बिन्दु  O है एवं   OA = OB = OC है , तो AB को व्यास मान कर खिचा गया वृत C बिन्दु से होकर गुजरेगा । ( सत्य )

 

(3) रिक्त स्थान  की पूर्ति करें -: 

(i) अर्द्धवृतस्थ  कोण __________ होता है ।

उत्तर – समकोण

ii) अर्द्धवृत से छोटे वृतांश में स्थित कोण  ________ होता है ।

उत्तर – अधिक कोण

(iii)  समकोण त्रिभुज के कर्ण को व्यास मान कर खिचा गया मध्य वृत _______ से होकर जाएगा ।

उत्तर – शीर्ष बिन्दुओं

(11)  संक्षिप्त उत्तरीय प्रश्न -:

(i) समद्विबाहु त्रिभुज ABC में AB = AC है । AB भुजा को व्यास मान कर वृत खिचने से वृत BC भुजा को D बिन्दु पर काटता है । अगर BD = 4  से०  मी0

हो तो, CD की लंबाई ज्ञात कारों ।

वृतस्थ-कोण-संबंधी-प्रमेय-7-3
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SOLVE – Δ ABC समद्विबाहु  त्रिभुज है । AB=  AC

AB भुजा  को व्यास मान कर खिचा गया वृत

BC को D बिन्दु पर काटता है ।

BD  = 4 से ॰ मी ॰   CD = ?

रचना – AD को मिलाया

प्रमाण – ∠ADB अर्द्धवृत का कोण है है ।

∴ ∠ADB  =  90॰

अब समकोण  Δ ADB  ΔADC में

AB = AC कल्पना से

AD अभयनिस् ठ  है ।

∠ADB  = ∠ADC = 90॰

∴ Δ ABD ≅ Δ ACD

∴ BD = CD = 4 से०  मी0  ANS .

 

(ii) किसी वृत के दो जीवाएं AB और AC एक दूसरे पर लम्ब है । AB = 4 से० मी0 व AC= 3 से० मी0  होने से वृत के अर्द्धव्यास की लंबाई 

ज्ञात करें ।  

वृतस्थ-कोण-संबंधी-प्रमेय-7-3
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SOLVE –  AB और AC दो दो जीवाएं एक दूसरे पर लम्ब है अर्थात ∠BAC = 90॰ 

वृत में स्थित 90॰ का  कोण  अर्द्धवृत का कोण होगा । 

∴ Δ ABC  में BC व्यास है । 

Δ ABC में BC² = AB² + AC²

= (4)² + (3)² = 16 + 9 = 25   वर्ग  से० मी0 

∴  BC =  √25 = 5 से॰ मी॰

∴ वृत का अर्द्धव्यास  = 5/2 = 2.5  से० मी॰

 

(iii) किसी वृत की दो जीवाएं PQ और PR परस्पर लम्ब है । वृत की अर्द्धव्यास की लम्बाई r  से०  मी0 

होने से QR जीवा की लंबाई ज्ञात करें । 

वृतस्थ-कोण-संबंधी-प्रमेय-7-3
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SOLVE-  PR और PQ दो जीवाएं एक दूसरे पर लम्ब है । 

अर्थात  ∠RPQ = 90॰

∴ RPQ , अर्द्धवृत में स्थित होगा ।

∴  RQ वृत का व्यास है ।

∴ RQ = 2 × r = 2r  से॰  मी० [ वृत का अर्द्धव्यास = r]

 

(iv)  AOB किसी वृत का व्यास है । C वृत पर  स्थित एक बिन्दु है । ∠OBC = 60॰ होने से ∠OCA का मान ज्ञात करें । 

वृतस्थ-कोण-संबंधी-प्रमेय-7-3
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SOLVE – AOB किसी वृत का व्यास है ।

∠OBC = 60॰

ΔOBC में  OB  = OC [ एक ही वृत का अर्द्धव्यास है ।

∴ ∠OBC  = ∠OCB = 60॰

अब ∠ACB अर्द्धवृत का कोण है ।

∴ ∠ACB = 90॰

∠ACO + ∠BCO = ∠ACB

∠ACO  + ∠ BCO = ∠ACB

∠ACO +60॰  = 90॰

∴ ∠ACO + 60॰ = 90॰

∴ ∠ACO = 30॰    या , ∠ OCA = 30॰ ANS

 

(v) पास के चित्र में O वृत का केंद्र एवं AB उसका व्यास है । जीवा CD की लंबाई वृत के अर्द्धव्यास के समान है ।AC और BD को बढ़ाने पर

एक दूसरे को P बिन्दु पर काटती है ।  तो, ∠APB का मान ज्ञात करें । 

वृतस्थ-कोण-संबंधी-प्रमेय-7-3
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SOLVE –  CD वृत के अर्द्धव्यास के बराबर है । 

Δ OCD में  OC = CD = OD

∴ प्रत्येक कोण 60॰ है ।

∠ OCD  = ∠ODC  = ∠COD = 60॰  …………….. (i)

Δ AOC  में OA = OC

∴ ∠OBD = ∠ODB = Y॰  (माना)

चतुर्भुज ABCD में ,

∠A + ∠C +∠D +∠B = 360॰

X॰ + (X+60॰ ) + (Y + 60॰ ) + Y॰  = 360॰

2X  + 2Y  + 120॰ = 360॰

2(X +Y )= (360-120 ) =240॰

∴ X+Y  = 120॰

अब Δ APB में ∠APB = 180॰ – (X+Y ) = 180॰ – 120॰

= 60॰  ANS .

 

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