एक चर वाले द्विघात समीकरण chapter-1.4 class-10( W.B board)


एक चर वाले द्विघात समीकरण chapter-1.4 class-10( W.B board)

1 . (i )4x² +(2x -1 )(2x +1 )=4x (2x -1 )इस समीकरण का समाधान(एक चर वाले द्विघात समीकरण chapter-1) धर आचर्य के सुत्र से होगा या नहीं पता करे।

Ans. 4x²+(2x -1 )(2x+1 )=4x (2x -1) या, 4x²+4x²-1 =8x²-4x या,8x² -1 -8x² +4x =0 या ,4x -1=0 यह समीकरणद्विघात समीकरण नहीं हैं। इसे ax +bx +c =0 के रूप में नहीं दर्शाया जा सकता। अतः इसका समाधान श्रीधरआचर्य के सुत्र से संभव नहीं हैं।

एक चर वाले द्विघात समीकरण chapter-1.4 class-10( W.B board)
एक चर वाले द्विघात समीकरण chapter-1.4 class-10( W.B board)

एक चर वाले द्विघात समीकरण chapter-1

(ii )श्रीधर आचर्य के सुत्र का प्रयोग क्रम किस प्रकार के समीकरण में कर
सकते है  ? बतायें।

 Ans. श्रीधर आचर्य का प्रयोग द्विघात समीकरण जो ax²≠ +bx +c =0 के रूप

में हो तथा a≠ 0 के लिए करते है।

(iii )5x² +2x -7 इस समीकरण में श्रीधर आचर्य के सुत्र का प्रयोग करके x =k ±12 ⁄10

पाया गया k का मान क्या होगा ?ज्ञातकरें।

Ans. 5x +2x -7 =0 समीकरण की तुलना ax² +bx +c =0 से करने पर

a =+5 ,b =+2 और c =-7 है।

श्रीधर आचर्य के सुत्र के अनुसार  x =-b ±√b²-4ac⁄2a

x =-(2 )± √(2 )²-4 (5 )(-7)⁄2×5 =-2 ±√4 +140 ⁄10 =-2 ±√144 ⁄10

x =-2 ±12౹⁄10अब x =-k ±12 ⁄10 दिया गया है।

∴k =-2 Ans.

साधारण व्याज CHAPTER-2  CLASS -10 CLICK HERE 

 

एक चर वाले द्विघात समीकरण chapter-1

२)निम्नलिखित द्विघात समीकरण के वास्तविक मूल होने पर श्रीधर आचर्य के

सुत्र का प्रयोग करके पता करे।

(i )3x² +11x-4=0

ax²+bx+c से तुलना करने पर a=- 3,b=11,c=-4

श्रीधर आचार्य के सुत्र के अनुसार x=-b±√b²-4ac/₂ₐ

या,-11±√121+48/6

या,x=-11±√169/₆

या,x=-11±13/₆

∴x=-11+13/₆   या,-11-13/₆

Ans.x=¹/₃  या, -4

(ii)(x-2)(x+4)+9=0

या, x²+bx+c=0  या, x²+2x+1=0

ax²+bx+c से तुलना करने पर a=1, b=2, c=1

श्रीधर आचार्य सुत्र के अनुसार x=-b±√b²-4ac/₂ₐ

x=-2±√(2)²-4(1):1)/2×1l

या, x=-2±√4-4/₂=-2±0/₂

या x=-2+0/₂  ,-2-0/₂

∴x=-1  ,  -1

Ans. x=-1 या -1

(iii)(4x-3)²-2(x+3)=0

=16x²-24x+9-2x-6=0

=16x²⁻26x+3=0

ax²+bx+c=0  से तुलना करने पर  a=±16, b=-26  and c=3

श्रीधर आचार्य सुत्र के अनुसार  x=-b±√b²-4ac/₂ₐ=

-(-26)±√(-26)²-4(16)(3)/2×16

=x=+26±√676-192/₃₂

=x=+26±√484/₃₂ =+26±22/₃₂

=x=+26+22/₃₂      या, +26-22/₃₂

∴x=48/₃₂      या , 4/₃₂

∴x=³/₂  या, ¹/₂
∴x=³/₂  या, ¹/₈   Ans.x=³/₂  या ¹/₈

(iv)3x²+2x-1=0

ax²+bx+c=0 से तुलना करने पर    a=+3, b=+2 ,c=-1

श्रीधर आचर्य सुत्र से   x=-b±√b²-4ac/₂ₐ

x=-2≠√(2)²-4(3)-(1)/2×3=-2±√4+12/₆=-2±√16/₆

=-2±4/₆

=x=⁻²⁺⁴/₆     ⁻²⁻⁴/₆

=x=¹/₃ या,  -1

साधारण व्याज CHAPTER-2  CLASS -10 CLICK HERE 

एक चर वाले द्विघात समीकरण

(v)  3x²+2x+1=0

ax²+bx+c=0 से तुलना करने पर  a=3,  b=2,  c=1

x=-b±√b²-4ac/₂ₐ

x=-2±√(2)²-4(3)(1)/2×3 =-2±√4-2/₆

∴x=-2±√-8/₆ Ans.

समीकरण के वास्तविक मूल नहीं है।

(vi) 10x²-x-3=0

ax²+bx+c=0 से तुलना करने पर  a=10, b=-1, c=-3

श्रीधर आचर्य सूत्र से  x=-b±√b²-4ac/₂ₐ

x=-(-1)±√(-1)²-4(10)(-3)/2×10=+1±√1+120/₂₀

=x=+1±√121/₂₀ =+1±11/₂₀

=x=+1+11/₂₀ या ,+1-11/₂₀

∴x=3/₅   या   -¹/₂Ans.

(vii) 10x²-x+3=0 

ax²+bx+c=0   से तुलना करने पर a=10, b= -1, c=3

श्रीधर आचर्य के सुत्र से

x= -b±√b²-4ac/₂ₐ  =-(-1)±√(-1)²-4(10) (3)/2×10=+1±√1-120/20

x=+1±√-119/20समीकरण के वास्तविक मूल नहीं है।

(vii) 25x²-30x+7=0

ax²+bx+c=0  से तुलना करने पर a=25, b=-30, c=7

श्रीधर आचर्य के सूत्र से

x= -b±√b²-4ac/2a = -(-3a) ±√(-30)²-4×25×7/2×25=

+30±√900-700/₅₀

=x=+30±√200/₅₀  =30±10√2/₅₀

=x=10(+3± √2/)₅₀  =+3±10√2/₅

=x=+3+√2/₅    या     3-√2/₅    Ans.

(ix)(4x-2)²+6x=25

=16x²-16x+6x-25=0

=16x-10x-21=0

ax²+bx+c=0 से तुलना करने पर a=16, b=10, c=-21

श्रीधर आचर्य सूत्र के अनुसार

x=-b±√b²-4ac/2a= -(-10)±√(10)²-4(16) (-21)/2×16=+10±√100+1344/₃₂

=x=+10±√1444/₃₂= 10±38//₃₂

=x=10+38/₃₂         10-38/₃₂

∴x=⁴⁸/₃₂       -⁷/₈

x=³/₂  या    -⁷/₈      Ans.

 

एक चर वाले द्विघात समीकरण chapter-1

(3)निम्नलिखित गणितीय समस्याओं को एक एक चरयुक्त द्विघात समीकरण में

व्यक्त करें और श्रीधर आचर्य के सूत्र का प्रयोग करके या(गुणनखंड)की सहायता से करें।

(i)साथी ने एक समकोण त्रिभुज बनाया जिसमे कर्ण की लम्बाई सबसे छोटी भुजा से 6

सें 0 मी 0 कम हो ,तो त्रिभुज के तीनो भुजा ज्ञात करें।

Ans. माना समकोण Δ में सबसे छोटी भूजा x है ।

कर्ण की लम्बाई =(x+6) सेंटीमीटर

तीसरी भुजा की लम्बाई =x+6-2=x+4 सेंटीमीटर

समकोण Δ  में, (कर्ण )² =अन्य दोनों भुजाओं के वर्ग  का योगफल

(x+6)²=x²+(x+4)²

=x²+12x+36=x²+x²+8x+16

=x²+12x+36=2x²+8x+16

=2x²+8x+16-x²-12x-36=0

∴x²-4x-20=0

ax²+bx+x=0 से तुलना करने पर  a=1, b=-4, c+-20

श्रीधर आचार्य के सूत्र से   x=-b±√b²-4ac/₂ₐ

x=(-4)±√(-4)²-4(1)(-20)/2×1=

+4±√16+80/₂=+4±√96/₂

x=4±4√6/₂ =2±2√6

x=2+2√6  2-2√6

x=2+√6   या 2-√6  (ॠणात्मक ग्राह्य नहीं है ।)

सबसे छोटी भुजा =2+√6 सेंटी मीटर

कर्ण की लम्बाई =2+√6+6=8+√6 सेंटीमीटर ष

तीसरी भुजा =2+√6+4=8+√6 सेंटीमीटर

= (2+√6) सेंटीमीटर  ,   (8+√6) सेंटीमीटर ,

(6+√6)सेंटीमीटर  Ans.

(ii)यदि दो अंकों की धनात्मक संख्या को उसके ईकाई के अंक से गुणा करने से

गुणनफल 189  होता है तो दहाई का अंक ईकाई के अंक का दोगुना  है  । अब

ईकाई का अंक निर्णय करो।

Ans. माना ईकाई का अंक x है ।

∴  दहाई का अंक =2x

अतः संख्या =10(2x)+x=21x

प्रशनानुसार , 21x ×x=189

या , 21x²=189

∴ x²=189/₂₁ =9

∴x=± √9 = ±3

x=3    या  x≠ -3

x  घनात्मक है । x≠ -3

ईकाई का अंक 3 है ।

वृतसंबंधी प्रमेय CHAPTER- 3.1 CLICK HERE  

एक चर वाले द्विघात समीकरण chapter-1

(iii) सलमा का वेग अनिक के वेग से 1 मीटर/सेकेंड अधिक है । 180 मीटर

दौडने पर सलमा अनिक से 2 सेकंड पहले पहुंची । अनिक का वेग प्रति सेकंड

कितना होगा ? ज्ञात करें ।

Ans.   माना अनिक का वेग x मीटर प्रति सेकंड है ।

∴  सलमा का वेग =(x+1) मीटर / सेकेंड

180  मीटर की दौड़ में सलमा को लगा समय                                                                           =180/x+1से०

अनिक को लगा समय  =180/ₓ से०

प्रशनानुसार ,  180/ₓ -180/ₓ+1=2

या ,180(¹/ₓ – ¹/ₓ+1)=2,    , 180(x+1-x/x(x+1)=2

या , 1/ₓ² +ₓ =2/₁₈₀ = ¹/₉₀  ,  x²+x=90

या , x(x+10)-9(x+10)=0

या  , (x+10)(x-9)=0

या तो x+10=0  या  x-9=0

x=10  ∴x=9

वेग ॠणात्मक नहीं हो सकता है

अनिक का वेग 9 मीटर/सेकेंड है । उत्तर

(iv) हमारे मुहल्ले में एक  वर्गाकार पार्क है । इस पार्क की एक भुजा की लम्बाई

से 5 मीटर अधिक लम्बाई वाले तथा उसकी एक भुजा से 3 मीटर कम चौडे आयताकार

पार्क का क्षेत्रफल उस वर्गाकार पार्क के क्षेत्रफल से 78 वर्ग मीटर कम हो, तो वर्ग क्षेत्र की

भुजा   ज्ञात करें।

Ans.   माना वर्गाकार पार्क की प्रत्येककी लम्बाई  x मीटर है

अतःवर्ग का क्षेत्रफल  =x² वर्ग मीटर

अब आयत की लम्बाई  =(x+5) मीटर

आयत की लम्बाई=(x-3) मीटर

आयत पार्क का क्षेत्रफल=(x+5)(x-3) वर्ग मीटर

प्रशनानुसार , वर्गाकार क्षेत्र का दोगुना आयताकार क्षेत्र के क्षेत्रफल से 78 अधिक होगा।

2x²-(x+5)(x-3)=78     या, 2x²-x²-2x+15=78

या , 2x²-(x²+2x-15)=78     या, x²-2x-63=0

या , x²-2x=78-15               या , x(x-9)+7(x-9)=0

या  , x²-9x+7x-63=0            या,  (x-9)(x+7)=0

या तो x-9=0 या x+7=0

∴x=9             ∴ x= -7 ॠणात्मक मान ग्राह्य नहीं है।

अतः वर्ग की भुजा =9  मीटर Ans.

 

एक चर वाले द्विघात समीकरण chapter-1

(vi) जोसेफ एवं कुन्तल एक ही कारखाने में काम करते हैं।जोसेफ एक वस्तु

बनाने में कुन्तल से 5 मिनट कम समय लेता है । 6 घंटा काम करके जोसेफ

कुन्तल से 6 चीजें अधिक तैयार किया । कुन्तल उस  समय में कितने  चीजें

बनाया ? ज्ञात करें ।

Ans. माना कुन्तल को एक वस्तु बनाने में x मिनट लगता है ।

जोसेफ को उसी  वस्तु को बनाने (x-5) मिनट लगता है ।

∵   x मिनट में कुन्तल बनाता है  1  वस्तु

∴1  मिनट में कुन्तल बनाता है  ¹/ₓ वस्तु

∴ 6×60 मिनटमें कुन्तल बनाता है ¹/ₓ ×6×60 =³⁶⁰/ₓवस्तु

उसी प्रकार जोसेफ बनाता है   6×60 मिनट में ³⁶⁰/x-5 वस्तु

प्रश्न से  ,  360/ₓ -₅ -³⁶⁰/ₓ=⁶/₁

या ,360(¹/ₓ -₅  -¹/ₓ)=⁶/1, या , {ₓ-ₓ+5/(x-5)(x)=⁶/₃₆₀

या , (⁵/ₓ² -₅ₓ)=¹/₆₀

या , x²-5x=300

=x²-5x -300=0

या  ,x²-20x+15x-300=0

या , x(x-20)+15(x-20)=0

(x-20)(x+15)=0

या तो   x-20=0  या , x+15=0

∴x=20    ∴x= – 15(ॠणात्मक मान ग्राह्य नहीं है।)  कुन्तल द्वारा  6 घंटे

में वस्तु की संख्या=6×60/₂₀ =18 Ans.

(vii)  स्थिर जल में नौका का वेग 8  किलोमीटर/ घंटा है । धारा की दिशा में

नौका 5 घंटे में 15  किलोमीटर और धारा के प्रतिकूल 22 किलो मीटर गयी ।

धारा का वेग कितना था ? 
Ans. माना धारा का वेग x  Km/hr है ।

धारा की दिशा में नौकाका वेग =(x+8)Km/hr

धारा की विपरीत दिशा में नौका का वेग  =(x-8)km/hr

धारा की दिशा में  15 किलो मीटर जाने में लगा समय
=15/8+x

धारा के प्रतिकूल 22 किलो मीटर जाने में लगा

समय के विपरीत  22 किलोमीटर   =22/8-x धंटा

प्रशनानुसार , 15/8+x +22/8-x  =5/1

=120-15x+176+22x/(8+x)(8-x)=5/1

=7x+296/64-x=5/1

= 7x+296=320-5x²

= 5x²+7x+296-320=0

=5x²+7x-24=0

=5x²+15x-8x-24=0

= 5x(x+3)-8(x+3)=0

= (x+3)(5x-8) =0

यदि ,  x+3=0    अथवा 5x-8=0

∴x=-3  ∴x=8/5=1³/₅

घारा का वेग ॠणात्मक नहीं होता है ।

∴  धारा का वेग =1³/₅km/hr   Ans.

(viii) एक सुपर फास्ट ट्रैन एक एक्सप्रेस ट्रेन से 15 किलोमीटर अधिक वेग चलती है ।

एक ही स्टेशन  से दोनों ट्रेन एक साथ चलकर 180 किलो मीटर दूर अन्य स्टेशन पर

पहुंचने के लिए सुपर फास्ट ट्रैन को 1 घंटा कम समय लेता है । सुपर फास्ट ट्रैन का 

प्रतिघंटा वेग क्या है ?

उत्तर– माना सुपर फास्ट ट्रैन का वेग   x Km/hr

∴  एक्सप्रेस ट्रेन का वेग  =(x-15)Km/hr

180 km          =180/x

180 km  जाने सुपर फास्ट ट्रैन को लगा समय =180/x-5

प्रशनानुसार , ¹⁸⁰/ₓ-15 – ¹⁸⁰/ₓ=1

या , 180(¹/x-5 -¹/ₓ)=1

या, x-x+15/(x-15)(x)=¹/₁₈₀

या , ¹⁵/ₓ²-15x=¹/₁₈₀

या, x²-15x-2700=0,

या , (x)²-2(x)×¹⁵/₂+(¹⁵/₂)²-(¹⁵/₂)²-2700=0

या , (x-¹⁵/₂)² – ²²⁵/₄ – ²⁷⁰⁰/₁=0

या, (x-¹⁵/₂)²=²²⁵/₄+²⁷⁰⁰/₁=²²⁵+¹⁰⁸⁰⁰/₄

या, (x-¹⁵/₂)²=¹¹⁰²⁵/₄

या, (x-¹⁵/₂)²=(¹⁰⁵/₂)²

या, (x-¹⁵/₂)²-(¹⁰⁵/₂)²=0

या , (x- ¹⁵/₂+¹⁰⁵/₂)(x-¹⁵/₂-¹⁰⁵/₂)=0

या , (x+45)(x-60)=0

या,  x+45=0 या,   x-60=0

∴x=-45  (ॠणात्मक मान ग्राह्य नहीं है।) ∴x=60km/hr  Ans.

(ix) रेहाना बाजार जा कर देखी कि प्रति किलो ग्राम मछली के मूल्य से प्रति

किलो ग्राम दाल का मूल्य 20 रुपये  कम था और चावल का दाम प्रति किलोग्राम 

40 रू कम था । रेहाना 240 रू की मछली व 240 रू की दाल खरीद कर जितनी

मछली और दाल मिलाकर पायी उसको माप 280 रू० के चावल की परिमाण के

समान है । रेहाना मछली प्रतिकिलो ग्राम किस दर से खरीदी ज्ञात करें।

उत्तर–  माना 1kg  मछली का मूल्य  =x रू०

∴ 1 kg दाल का मूल्य =(x-20)Rs और 1kg चावल का                                                         मूल्य  =(x-40)

240 रू० में मछलि का मात्रा  =²⁴⁰/ₓ kg , 240 रू० में                                      दाल  की मात्रा =²⁴⁰/ₓ-₂₀ kg

उसी प्रकार चावल की मात्रा  =²⁸⁰/ₓ-₄₀ kg

प्रशनानुसार , ²⁴⁰/ₓ+ ²⁴⁰/ₓ-20 =²⁸⁰/ₓ-40

या,  [x-20+x/x(x-20)]=²⁸⁰/(ₓ-₄)ײ⁴⁰=⁷/(ₓ-₄)⁶

या  , 2x-20/ₓ²-₂₀ₓ =⁷/₆ₓ-₂₄

या , 7x²-140x=12x²-600x+4800=0

या  , x²-92x+960=0

या  , x²-80x-12x+960=0

या , x(x-80)-12(x-80)=0

∴ (x-80)(x-12)=0

या तो  ,   x-80=0    x-12=0

∴ x=80   x=12 रू० ( समीकरण को संतुष्ट नहीं करता )

∴  1 kg मछली का मूल्य =80 रू०  Ans.

⁻⁻⁻⁻⁻⁻⁻⁻⁻⁻⁻⁻⁻⁻⁻⁻⁻⁻⁻⁻⁻⁻⁻⁻⁻⁻⁻⁻⁻⁻⁻⁻⁻⁻⁻⁻⁻⁻⁻⁻⁻⁻⁻⁻⁻⁻⁻⁻⁻⁻⁻⁻⁻⁻⁻⁻

एक चर वाले द्विघात समीकरण chapter-1
द्विघात समीकरण के मूल की  प्रकृति और द्विघात व्यंजक के गुणनखंड

ax²+bx+c=0 के वास्तविक मूल होने का शर्त  —

समीकरण  ax²+bx+c=0 के दो  मूल है

वे b+√b²-4ac/₂ₐ  और -b-√b²-4ac/2a है।

मूलो के मान में √b²-4ac है, जिसका विस्तविक मान होना

जरूरी है। यदि  b²-4ac का मान धनात्मक हो , तो √b²-4ac  का

मान वास्तविक होगा , यदि ॠणात्मक हो अथार्त

b²-4ac<0   √b²-4ac का मान वास्तविक नहीं होगा । क्योंकि (√b²-4ac)=b²-4ac<0

और एक वास्तविक संख्या का वर्ग  सदा घनात्मक होता है।

समीकरण ax²+bx+c=0  में b²-4ac को समीकरण का विवेचक , निरूपक

या विविक्तिकरक कहा जाता है और इसे  संकेत में  D लिखा जाता है ।

(i)  यदि b²-4ac>0, ax²+bx+c=0 के मूल वास्तविक और असमान होंगे ।

(ii) यदि b²-4ac=0, ax²+bx+c=0   के मूल वास्तविक और बराबर होंगे ; मूल का मान -b/2c  या -2c/b होगा

(iii) यदि  b²-4ac<0 , ax²+bx+c के मूल वास्तविक नहीं                                                                      मिलेगा।
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एक चर वाले द्विघात समीकरण chapter-1

प्रयोग (33)   k के किस मान के लिए   2x²-10x+k=0 द्विघात समीकरण के

दोनो मूल वास्तविक और समान होंगे ।

उत्तर- 2x²-10x+k=0 के दोनो मूल वास्तविक और समान है।

अतः निरूपक या विवेचक   (Discriminate)(D)=0

यहां a=+2 , b=-10 ,  c=k

∴b²-4ac=0

या , (-10)²-4(2)k=0 ,       100-8k=0

या,  -8k= – 100

∴k = ¹⁰⁰/₈  = ²⁵/₂ =12 ¹/₂ Ans.

 

एक चर वाले द्विघात समीकरण chapter-1

प्रयोग(38) यदि  3x²-10x+3=0 द्विघात समीकरण का एक  मूल 1 मूल 

¹/₃ हो,  तो हम दूसरा मूल ज्ञात करें।

उत्तर–   3x²-10x+3=0

या , 3x²-9x-x+3=0  या, 3x(x-3)-1(x-3)=0

∴(x-3)(3x-1)=0

या तो , x-3=0      या, 3x-1=0

∴ x=0      x=¹/₃

समीकरण का दूसरा मूल  3 है ।

प्रयोग(41) ax²+bx+c=0[a≠0]  द्विघात   समीकरण के दोनो मूल α 

 और β  होने से  (¹/α³ + ¹/β³) का मान  a     ,b   और  c   के रूप में व्यक्त करे

Ans.   द्विघात समीकरण के दो मूल α   और  β है।

अतः मूलो का योगफल  (α+β)=b/a………I
मूलो का गुणनफल  αβ=c/a…………..II

अब (¹/α²+¹/β²)=α ²+β²/ α²β²

=(α+ β)²-2αβ/α²β² =(-b/a)²-2×c/a / (c/a)²=b²/a²-2 c/ₐ/c²/a² = b²-2ac/a²/c²/ a²

=b²-2ac/a² ×a²/c²=b²-2ac/c²  Ans.

 प्रयोग(42)  x²-7x+12=0  द्विघात समीकरण के दोनो मूल ज्ञात कर के

देखते हैं कि दोनो मूल  3  और 4

Ans. या, x²-4X-3X+13=0

या, X(X-4)-3(X-4)=0

या तो ,   (X-4)(X-3)=0

∴X=4    ∴X=3

अतः  X²-7X+12=0  के दो मूल 4 और 3 है ।
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